24K(999 शुद्धता)

₹14,675
-425
(1 ग्राम)

24K(995 शुद्धता)

₹14,617
-423
(1 ग्राम)

22K(916 शुद्धता)

₹13,443
-389
(1 ग्राम)

18K(750 शुद्धता)

₹11,007
-319
(1 ग्राम)

14K(585 शुद्धता)

₹8,585
-249
(1 ग्राम)

* भावों में GST शामिल नहीं है। GST और मेकिंग चार्ज अलग से लगेंगे।

02/04/2026
शुद्धता AM (सुबह) PM (शाम)
सोना 999 145653 146755
सोना 995 145069 146167
सोना 916 133417 134427
सोना 750 109239 110066
सोना 585 85207 85852
चांदी 999 224885 228041
प्लेटिनम 999 60406 62924
पिछली तारीखों के रेट
999 995 916 750 585 चांदी
999
प्लेटिनम
999
02/04/2026 146755 146167 134427 110066 85852 228041 62924
01/04/2026 151004 150399 138319 113253 88337 240076 64762
30/03/2026 146880 146291 134541 110160 85925 230365 64171
27/03/2026 143085 142512 131066 107314 83705 221869 61316
25/03/2026 146351 145766 134058 109764 85616 235049 63889
24/03/2026 140560 139998 128754 105420 82228 224770 62876
*सोने की दरें प्रति 10 ग्राम और चांदी की दर प्रति 1 किलो *उपरोक्त दरें 3% GST और मेकिंग चार्ज के बिना हैं

📊 आज का सोने का भाव कैसे तय होता है?

हमारे सोने के रेट अनेक खुदरा सोने की कीमतों और लंदन एक्सचेंज के AM (सुबह) / PM (शाम) फिक्सेस को ध्यान में रखते हुए तय किए जाते हैं, जो सटीकता सुनिश्चित करते हैं।

* यह बेस रिटेल प्राइस है। GST और मेकिंग चार्ज जुड़ने के बाद अंतिम कीमत अधिक होगी।

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दिल्ली के सराफा बाजार में भारी गिरावट: क्या चांदनी चौक से सोना खरीदने का यही है सबसे सही समय?

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By Kajol Swarnakar · 17 Feb 2026

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भारत में सोना सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और निवेश का प्रतीक है। दिल्ली, भारत की राजधानी होने के नाते, सोने के सबसे बड़े बाजारों में से एक है। यहाँ सोना खरीदना न केवल एक आर्थिक निर्णय है, बल्कि अक्सर एक भावनात्मक जुड़ाव भी होता है। चाहे आप आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हों या निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदना चाहते हों,


शादियों के सीजन के लिए सोने के गहनों के लेटेस्ट ट्रेंड्स

दिल्ली में शादियों की रौनक बस शुरू ही होने वाली है और चांदनी चौक से लेकर करोल बाग के बाजारों में अभी से खरीदारों की भीड़ दिखने लगी है। इस बार सोने की बढ़ती कीमतों ने ग्राहकों के चुनाव करने के तरीके को थोड़ा बदल दिया है। अब लोग सिर्फ भारी-भरकम गहनों के पीछे नहीं भाग रहे, बल्कि 'एंटीक फिनिश' और 'पोल्की' का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है। दिल्ली के सराफा बाजार में इस समय ऐसे डिजाइनों की मांग सबसे ज्यादा है जो दिखने में तो राजसी और भारी लगते हैं, लेकिन असल में उनका वजन कम होता है। इसे 'लाइटवेट ग्रैंड ज्वेलरी' कहा जा रहा है, जो बजट और स्टाइल दोनों को बखूबी संभाल लेती है। एक और दिलचस्प बदलाव जो इस सीजन में देखने को मिल रहा है, वह है 'मल्टी-पर्पज' या डिटैचेबल ज्वेलरी का बढ़ता चलन। आजकल की दुल्हनें ऐसे भारी हार पसंद कर रही हैं जिन्हें शादी के बाद अलग करके छोटे मौकों पर भी पहना जा सके। इसके अलावा, पीले सोने के साथ-साथ 'रोज गोल्ड' का कॉम्बिनेशन भी काफी पसंद किया जा रहा है, खासकर उन लोगों के बीच जो कुछ मॉडर्न और हटकर पहनना चाहते हैं। दिल्ली के ज्वेलर्स अब बारीक नक्काशी वाले चोकर और लेयर्ड नेकलेस पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, ताकि कम सोने में भी दुल्हन को वो 'रॉयल लुक' मिल सके जिसका उसने सपना देखा है।

खास सलाह: शादियों की खरीदारी में देरी न करें; अगर आपको कोई डिजाइन पसंद आ रहा है, तो 'गोल्ड रेट लॉक' सुविधा का इस्तेमाल करें ताकि कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से आपका बजट न बिगड़े।


डिजिटल गोल्ड: क्या दिल्ली के निवेशकों के लिए यह एक सुरक्षित और स्मार्ट विकल्प है?

दिल्ली जैसे महानगरों में, जहाँ सुरक्षा और बैंक लॉकर की उपलब्धता हमेशा एक बड़ी चुनौती बनी रहती है, 'डिजिटल गोल्ड' एक आधुनिक और सुलभ निवेश विकल्प बनकर उभरा है। अब आपको चांदनी चौक या करोल बाग के सर्राफा बाजारों के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं है; आप अपने स्मार्टफोन से मात्र 1 रुपये में भी 24 कैरेट शुद्ध सोना खरीद सकते हैं। यह सोना प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा सुरक्षित और बीमाकृत (Insured) वॉल्ट्स में रखा जाता है, जो इसे भौतिक सोने की तुलना में चोरी या मिलावट के जोखिम से मुक्त बनाता है।

हालांकि, दिल्ली के समझदार निवेशकों को इसकी कुछ तकनीकी बारीकियों को समझना भी जरूरी है। वर्तमान में, डिजिटल गोल्ड भारत में सेबी (SEBI) या आरबीआई (RBI) के प्रत्यक्ष नियामक दायरे (Regulatory Framework) में पूरी तरह से नहीं आता है, जैसा कि म्यूचुअल फंड या शेयरों के मामले में होता है। इसलिए, निवेश करने से पहले यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि आप MMTC-PAMP या SafeGold जैसे विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का ही चुनाव कर रहे हैं। इसके अलावा, डिजिटल गोल्ड को भौतिक सिक्कों या गहनों में बदलते समय मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी (GST) जैसे अतिरिक्त खर्चों का आकलन करना भी बुद्धिमानी है।

दिल्ली के बाजार के मौजूदा रुझानों को देखते हुए, डिजिटल गोल्ड उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो हर महीने छोटी बचत करना चाहते हैं। यह न केवल तरलता (Liquidity) प्रदान करता है, बल्कि आपको वास्तविक समय की बाजार दरों पर सोना बेचने की सुविधा भी देता है। यदि आप लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं, तो इसे अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने के एक आधुनिक तरीके के रूप में देख सकते हैं।

मुख्य निष्कर्ष: डिजिटल गोल्ड छोटे और नियमित निवेश के लिए एक उत्कृष्ट और सुरक्षित माध्यम है, बशर्ते आप केवल प्रतिष्ठित वेंडर्स के माध्यम से ही लेनदेन करें और निवेश से पहले 'स्प्रेड' (खरीद और बिक्री मूल्य का अंतर) की जांच कर लें।


दिल्ली में त्योहारी सीज़न: सोने की खरीदारी के लिए स्मार्ट टिप्स

दिल्ली में त्योहारी सीज़न की रौनक शुरू हो चुकी है, और इसके साथ ही सोने की खरीदारी का उत्साह भी बढ़ जाता है। धनतेरस, दिवाली और अन्य शुभ अवसरों पर सोना खरीदना हमारी परंपरा का अहम हिस्सा है। हालांकि, बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विभिन्न ऑफ़र के बीच सही चुनाव करना कई बार मुश्किल हो सकता है। यह सिर्फ एक आभूषण नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण निवेश भी है, इसलिए समझदारी से खरीदारी करना ज़रूरी है। इस त्योहारी मौसम में स्मार्ट खरीदारी के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। सबसे पहले, आखिरी समय की भीड़ से बचें और अपनी खरीदारी की योजना पहले से बना लें। विभिन्न ज्वैलर्स की कीमतों की तुलना ज़रूर करें, क्योंकि मेकिंग चार्ज और प्रति ग्राम कीमत में अंतर हो सकता है। हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें, जो उसकी शुद्धता की गारंटी देता है। सोने के सिक्के या बार निवेश के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं, जबकि आभूषणों में मेकिंग चार्ज अधिक होता है। दिल्ली के बाजारों में खरीदारी करते समय, विश्वसनीय और प्रतिष्ठित ज्वैलर्स को प्राथमिकता दें। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्पों की पड़ताल करें, क्योंकि कई बार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बेहतर डील्स और पारदर्शिता प्रदान कर सकते हैं। डिजिटल गोल्ड में छोटे निवेश भी आजकल लोकप्रिय हो रहे हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो धीरे-धीरे सोना जमा करना चाहते हैं। याद रखें, त्योहारों के दौरान आकर्षक लगने वाले ऑफर्स की शर्तों को ध्यान से पढ़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

Key Takeaway: त्योहारी सीज़न में सोने की खरीदारी करते समय शुद्धता, कीमतों की तुलना और विश्वसनीय स्रोत का चुनाव आपको बेहतर मूल्य और मन की शांति देगा।


दिल्ली में सोने की रीसाइक्लिंग और रिफाइनिंग: जानें क्यों यह अब है समझदारी का विकल्प

सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच, दिल्ली के बाजार में सोने की रीसाइक्लिंग और रिफाइनिंग सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारतीय घरों में अक्सर बड़ी मात्रा में पुराना, टूटा हुआ या फैशन से बाहर हो चुका सोना पड़ा रहता है। पहले लोग इसे सिर्फ बेचने या एक्सचेंज करने का विकल्प देखते थे, लेकिन अब आधुनिक रिफाइनिंग तकनीकें एक नया और आकर्षक रास्ता पेश कर रही हैं। यह सिर्फ पुराने सोने से पैसा कमाने का जरिया नहीं, बल्कि आपके निष्क्रिय पड़े हुए सोने को उसकी उच्चतम शुद्धता और मूल्य में बदलने का एक समझदार तरीका है। आजकल दिल्ली में कई विश्वसनीय रिफाइनिंग सेंटर उपलब्ध हैं जो आपके पुराने सोने को 99.9% शुद्ध (24 कैरेट) सोने में बदल सकते हैं। इससे आपको अपने पुराने गहनों की पूरी कीमत मिलती है, और आप इसे नए गहने बनवाने या निवेश के लिए शुद्ध सोने के सिक्के/बार में परिवर्तित कर सकते हैं। यह प्रक्रिया न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है क्योंकि यह आपको नए सोने की खरीद से बचाता है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी एक जिम्मेदार कदम है। सोने की नई माइनिंग को कम करके, हम अपने ग्रह पर पड़ने वाले पर्यावरणीय प्रभाव को भी कम करने में मदद करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब सोने की कीमतें ऊंची हों, तब अपने पुराने सोने को रिफाइन करना विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है। यह आपको बाजार के उतार-चढ़ाव का लाभ उठाने और अपनी संपत्ति को अधिकतम करने का अवसर देता है। दिल्ली के उपभोक्ता अब इस विकल्प को गंभीरता से ले रहे हैं, क्योंकि यह उन्हें पारदर्शिता, सुरक्षा और उनके सोने का सही मूल्यांकन प्रदान करता है।

Key Takeaway: दिल्ली में सोने की रीसाइक्लिंग और रिफाइनिंग सेवाएं आपके पुराने और निष्क्रिय सोने को उच्चतम शुद्धता और मूल्य में बदलने का एक सुरक्षित, समझदार और पर्यावरण-अनुकूल तरीका है।


दिल्ली में त्योहारों पर सोना खरीदना: स्मार्ट टिप्स

दिल्ली में त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है और इस दौरान सोने की खरीदारी एक शुभ परंपरा मानी जाती है। धनतेरस से लेकर दिवाली और शादियों तक, सोने में निवेश और आभूषणों की खरीद हमेशा चर्चा में रहती है। मौजूदा बाजार में सोने की कीमतें अपनी अस्थिरता के लिए जानी जाती हैं, लेकिन सही रणनीति के साथ आप इस शुभ अवसर का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं। दिल्ली के ज्वैलर्स भी इस दौरान कई आकर्षक ऑफर लेकर आते हैं, जो ग्राहकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। सोना खरीदते समय सबसे महत्वपूर्ण है उसकी शुद्धता। हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें, जो उसकी प्रामाणिकता की गारंटी देता है। मेकिंग चार्ज (बनवाई) पर भी ध्यान दें, क्योंकि यह कुल लागत का एक बड़ा हिस्सा हो सकता है। अलग-अलग ज्वैलर्स के मेकिंग चार्ज अलग-अलग होते हैं, इसलिए तुलना करना समझदारी है। कई ज्वैलर्स त्योहारों से पहले या दौरान 'ज़ीरो मेकिंग चार्ज' या रियायती दरों पर योजनाएं पेश करते हैं। यदि आप निवेश के लिए सोना खरीद रहे हैं और भौतिक सोना महंगा लग रहा है, तो डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्पों पर विचार करें। ये सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके हैं जिनसे आप सोने की कीमतों में वृद्धि का लाभ उठा सकते हैं। सबसे बढ़कर, हमेशा एक प्रतिष्ठित और विश्वसनीय ज्वेलर से ही सोना खरीदें। दिल्ली में कई पुराने और भरोसेमंद ज्वैलर्स हैं जिनकी बाजार में अच्छी साख है। उनसे खरीदने पर आपको शुद्धता और पारदर्शिता का भरोसा मिलता है। सोने को केवल एक आभूषण के रूप में नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक निवेश के रूप में भी देखें, खासकर त्योहारों के मौसम में जब भावनाएं खरीदारी को प्रभावित करती हैं।

Key Takeaway: सोने की खरीदारी करते समय शुद्धता, मेकिंग चार्ज और विश्वसनीय स्रोत का ध्यान रखें। निवेश के लिए डिजिटल विकल्पों पर भी विचार करें।


एक्सपर्ट टिप: दिल्ली में पुराने सोने को नए से बदलते समय इन बारीकियों का रखें ध्यान

दिल्ली के सर्राफा बाजारों, जैसे चांदनी चौक, करोल बाग और दरीबा कलां में पुराने सोने को नए आभूषणों के साथ बदलने (Exchange) की परंपरा काफी पुरानी है, लेकिन हाल के वर्षों में नियमों में बड़े बदलाव आए हैं। अब हॉलमार्किंग और HUID (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) के अनिवार्य होने के बाद, ज्वैलर्स पुराने बिना हॉलमार्क वाले सोने की शुद्धता को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं। यदि आपके पास दशकों पुराने गहने हैं, तो दिल्ली के अधिकांश बड़े शोरूम अब आधुनिक XRF मशीनों के जरिए उनकी शुद्धता की जांच करते हैं। एक्सचेंज के दौरान आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि अधिकांश प्रतिष्ठित ज्वैलर्स पुराने सोने के शुद्ध वजन पर 100% वैल्यू देने का दावा करते हैं, लेकिन इसमें 'मेल्टिंग लॉस' (गलान) के नाम पर 2% से 4% तक की कटौती की जा सकती है।

बाजार के मौजूदा रुझानों को देखें तो दिल्ली में 'ओल्ड गोल्ड एक्सचेंज' पॉलिसी उन ग्राहकों के लिए अधिक फायदेमंद है जो पुराने गहनों के बदले नए गहने खरीदना चाहते हैं। यदि आप पुराने सोने के बदले नकद (Cash) की मांग करते हैं, तो ज्वैलर्स अक्सर बाजार भाव से 5% से 8% तक की अतिरिक्त कटौती करते हैं। इसके अलावा, दिल्ली के बाजारों में 'मेकिंग चार्जेस' पर मोलभाव की काफी गुंजाइश रहती है, इसलिए एक्सचेंज करते समय नए आभूषणों के मेकिंग चार्जेस को पहले ही स्पष्ट कर लेना बुद्धिमानी है। डिजिटल लेनदेन के बढ़ते प्रभाव के कारण, अब पुराने सोने की खरीद-बिक्री के लिए वैध पहचान पत्र और पुराने बिल (यदि उपलब्ध हों) की मांग भी अनिवार्य रूप से की जा रही है।

मुख्य सुझाव (Key Takeaway): पुराने सोने को बदलने से पहले उसकी शुद्धता किसी स्वतंत्र 'हॉलमार्किंग सेंटर' से जांच लें और एक्सचेंज केवल उसी दिन करें जब बाजार में सोने की कीमतें स्थिर या ऊंचे स्तर पर हों, ताकि आपको अपने पुराने निवेश का अधिकतम लाभ मिल सके।


चांदी: निवेश के लिए एक उभरता हुआ विकल्प

दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच, निवेशकों का ध्यान अब चांदी की ओर तेजी से आकर्षित हो रहा है। औद्योगिक मांग में बढ़ोतरी और ग्रीन एनर्जी सेक्टर (जैसे इलेक्ट्रिक वाहन और सोलर पैनल) में चांदी के बढ़ते उपयोग ने इसे केवल एक आभूषण ही नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण 'इंडस्ट्रियल मेटल' के रूप में स्थापित कर दिया है। सोने की तुलना में कम निवेश लागत और उच्च वोलेटिलिटी (volatility) के कारण, चांदी उन निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बन गई है जो कम पूंजी के साथ पोर्टफोलियो में विविधता लाना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर आपूर्ति की कमी और औद्योगिक खपत में निरंतर वृद्धि के चलते चांदी के दाम दीर्घकालिक रूप से मजबूती के संकेत दे रहे हैं। हालांकि, चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले अधिक तेजी से उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, इसलिए इसमें निवेश करते समय बाजार के तकनीकी विश्लेषण पर नजर रखना अनिवार्य है। दिल्ली के बाजारों में चांदी की फिजिकल डिमांड और वायदा बाजार (MCX) के रुझानों का तालमेल यह स्पष्ट करता है कि यह धातु अब पोर्टफोलियो को हेज (hedge) करने का एक स्मार्ट जरिया बन चुकी है।

Key Takeaway: यदि आप कम बजट में कीमती धातुओं में निवेश करना चाहते हैं, तो चांदी न केवल एक सुरक्षित निवेश है, बल्कि औद्योगिक मांग के कारण इसमें लंबी अवधि में सोने से बेहतर रिटर्न देने की क्षमता है।


दिल्ली में सोने के आभूषणों की सुरक्षा: बीमा क्यों है अनिवार्य?

दिल्ली जैसे महानगर में, जहाँ सोने की कीमतें लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं, आपके कीमती आभूषण केवल निवेश नहीं बल्कि आपकी मेहनत की कमाई का एक बड़ा हिस्सा हैं। अक्सर लोग लॉकर या तिजोरी पर तो भरोसा करते हैं, लेकिन चोरी, डकैती या घर में आग जैसी अनहोनी घटनाओं के खिलाफ 'गोल्ड इंश्योरेंस' को नजरअंदाज कर देते हैं। दिल्ली के बदलते सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए, अपने गहनों का बीमा कराना अब एक विलासिता नहीं, बल्कि वित्तीय समझदारी है।

बाजार में उपलब्ध होम इंश्योरेंस पॉलिसियों के साथ 'वैल्यूएबल आइटम कवर' (Valuable Item Cover) का विकल्प चुनना सबसे प्रभावी तरीका है। कई बीमा कंपनियां अब 'ऑल रिस्क कवर' प्रदान करती हैं, जो न केवल घर के अंदर बल्कि बैंक लॉकर में रखे सोने और यात्रा के दौरान पहने गए गहनों को भी सुरक्षा कवच प्रदान करता है। पॉलिसी लेते समय यह सुनिश्चित करें कि आपके आभूषणों का हालिया मूल्यांकन (Valuation) किसी प्रमाणित ज्वेलर से कराया गया हो, ताकि क्लेम के समय आपको बाजार भाव के अनुसार सही मुआवजा मिल सके।

Key Takeaway: केवल बैंक लॉकर पर निर्भर न रहें; अपनी होम इंश्योरेंस पॉलिसी में 'ज्वेलरी कवर' को शामिल करें और हर दो साल में अपने गहनों का पुनर्मूल्यांकन (Re-valuation) करवाएं ताकि बढ़ती कीमतों के अनुपात में आपका कवर पर्याप्त बना रहे।


सोने की खरीदारी पर GST: हर खरीदार को क्या जानना चाहिए?

दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना खरीदते समय केवल सोने की कीमत ही एकमात्र खर्च नहीं है। भारत में सोने की खरीद पर वर्तमान में 3% की दर से वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू है। यह कर न केवल सोने के आभूषणों पर, बल्कि सोने के सिक्कों और बार पर भी समान रूप से प्रभावी है। कई बार ग्राहक इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि क्या मेकिंग चार्जेस (गहने बनाने की मजदूरी) पर भी टैक्स लगता है? तो इसका स्पष्ट उत्तर है—हाँ, सरकार द्वारा तय नियमों के अनुसार, मेकिंग चार्जेस पर भी 5% की दर से GST लिया जाता है।

खरीददारों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि ज्वैलर्स द्वारा दिए जाने वाले पक्के बिल में GST का विवरण अलग से स्पष्ट होना चाहिए। यदि आप निवेश के उद्देश्य से सोना खरीद रहे हैं, तो यह 3% का अतिरिक्त टैक्स आपकी 'ब्रेक-ईवन' लागत को प्रभावित करता है। इसका मतलब है कि सोने की कीमत में कम से कम 3% की बढ़ोतरी होने के बाद ही आपका निवेश मुनाफे की स्थिति में आता है। इसलिए, हमेशा एक विश्वसनीय ज्वैलर से ही खरीदारी करें जो आपको पारदर्शी बिलिंग और हॉलमार्क वाली शुद्धता का आश्वासन दे सके।

Key Takeaway: सोने की खरीदारी करते समय हमेशा ध्यान रखें कि कुल बिल पर 3% GST और मेकिंग चार्जेस पर 5% GST अनिवार्य है। टैक्स बचाने के चक्कर में बिना बिल के खरीदारी करना नुकसानदेह हो सकता है, क्योंकि भविष्य में सोने को बेचते समय या एक्सचेंज करते समय पक्का बिल ही आपकी शुद्धता और निवेश का प्रमाण होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में आज 24K सोने का भाव क्या है?

आज, दिल्ली में 24K सोने की कीमत ₹146,755 प्रति 10 ग्राम है।

दिल्ली में आज 22K सोने का भाव क्या है?

आज, दिल्ली में 22K सोने की कीमत ₹134,427 प्रति 10 ग्राम है।

क्या दिल्ली में सोने की कीमत में GST शामिल है?

नहीं, सूचीबद्ध सोने की कीमतें 3% GST और मेकिंग चार्ज के बिना हैं। ये खरीदारी के समय जौहरी द्वारा जोड़े जाते हैं।

दिल्ली में सोने की दरें क्यों बदलती हैं?

दिल्ली में सोने की दरें अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान, भारतीय रुपये में उतार-चढ़ाव, स्थानीय करों और मौसमी मांग के कारण बदलती रहती हैं।

आस-पास के शहरों में सोने का भाव