24K(999 शुद्धता)

₹14,661
-425
(1 ग्राम)

24K(995 शुद्धता)

₹14,602
-423
(1 ग्राम)

22K(916 शुद्धता)

₹13,429
-389
(1 ग्राम)

18K(750 शुद्धता)

₹10,996
-318
(1 ग्राम)

14K(585 शुद्धता)

₹8,577
-248
(1 ग्राम)

* भावों में GST शामिल नहीं है। GST और मेकिंग चार्ज अलग से लगेंगे।

02/04/2026
शुद्धता AM (सुबह) PM (शाम)
सोना 999 145507 146608
सोना 995 144924 146021
सोना 916 133284 134293
सोना 750 109130 109956
सोना 585 85122 85766
चांदी 999 224660 227813
प्लेटिनम 999 60346 62861
पिछली तारीखों के रेट
999 995 916 750 585 चांदी
999
प्लेटिनम
999
02/04/2026 146608 146021 134293 109956 85766 227813 62861
01/04/2026 150853 150249 138181 113140 88249 239836 64697
30/03/2026 146733 146145 134407 110050 85839 230135 64107
27/03/2026 142942 142370 130935 107207 83621 221647 61255
25/03/2026 146205 145620 133924 109654 85530 234814 63825
24/03/2026 140420 139858 128625 105315 82146 224545 62813
*सोने की दरें प्रति 10 ग्राम और चांदी की दर प्रति 1 किलो *उपरोक्त दरें 3% GST और मेकिंग चार्ज के बिना हैं

📊 आज का सोने का भाव कैसे तय होता है?

हमारे सोने के रेट अनेक खुदरा सोने की कीमतों और लंदन एक्सचेंज के AM (सुबह) / PM (शाम) फिक्सेस को ध्यान में रखते हुए तय किए जाते हैं, जो सटीकता सुनिश्चित करते हैं।

* यह बेस रिटेल प्राइस है। GST और मेकिंग चार्ज जुड़ने के बाद अंतिम कीमत अधिक होगी।

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नई दिल्ली में सोना खरीदने के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका

भारत की राजधानी नई दिल्ली न केवल राजनीति का केंद्र है, बल्कि यह देश के सबसे बड़े स्वर्ण बाजारों में से एक भी है। यहाँ सोने की खरीदारी केवल एक निवेश नहीं, बल्कि परंपरा, संस्कृति और वित्तीय सुरक्षा का प्रतीक मानी जाती है। चाहे वह शादी-ब्याह का अवसर हो या दिवाली और धनतेरस जैसे त्यौहार, दिल्ली के लोग सोने में निवेश करना पसंद करते हैं। इस लेख में हम आपको नई दिल्ली में सोना खरीदने से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी देंगे, ताकि आप एक समझदार खरीदार बन सकें।

नई दिल्ली में सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाले कारक

नई दिल्ली में सोने की दरें रोजाना बदलती हैं। इन कीमतों को कई वैश्विक और स्थानीय कारक प्रभावित करते हैं। सबसे प्रमुख कारक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें हैं। जब वैश्विक स्तर पर डॉलर कमजोर होता है या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं।

24K बनाम 22K सोना: आपके लिए कौन सा बेहतर है?

सोना खरीदते समय सबसे बड़ा भ्रम इसकी शुद्धता को लेकर होता है। आमतौर पर बाजार में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोना उपलब्ध होता है। 24 कैरेट सोना 99.9% शुद्ध होता है और इसे सबसे शुद्ध माना जाता है। हालांकि, यह बहुत नरम होता है, इसलिए इससे जटिल आभूषण बनाना संभव नहीं होता। इसका उपयोग मुख्य रूप से सोने के सिक्कों और बार (बिस्कुट) के लिए किया जाता है।

दूसरी ओर, 22 कैरेट सोने में 91.6% शुद्ध सोना होता है और शेष 8.4% में तांबा, जस्ता या निकल जैसी अन्य धातुएं मिलाई जाती हैं। यह मिश्रण सोने को मजबूती प्रदान करता है, जिससे टिकाऊ और सुंदर आभूषण बनाए जा सकते हैं। यदि आप निवेश के उद्देश्य से सोना खरीद रहे हैं, तो 24K के सिक्के या डिजिटल गोल्ड बेहतर हैं, लेकिन यदि आप पहनने के लिए गहने ले रहे हैं, तो 22K या 18K सबसे उपयुक्त विकल्प है।

नई दिल्ली में सोना खरीदने के लिए प्रमुख बाजार

दिल्ली में कई ऐसे ऐतिहासिक और आधुनिक बाजार हैं जो अपनी ज्वेलरी के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। यहाँ कुछ प्रमुख क्षेत्रों की सूची दी गई है:

सोना खरीदते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

नई दिल्ली जैसे बड़े शहर में सोना खरीदते समय धोखाधड़ी से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतना अनिवार्य है। सबसे पहले, हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्किंग सोने की शुद्धता की गारंटी है। हॉलमार्क के निशान में अब एक विशिष्ट पहचान संख्या (HUID) भी होती है, जिसे आप 'BIS Care' ऐप पर सत्यापित कर सकते हैं।

दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु है मेकिंग चार्जेस। अलग-अलग ज्वेलर्स के मेकिंग चार्जेस अलग हो सकते हैं, इसलिए खरीदारी से पहले दो-तीन दुकानों पर भाव की तुलना जरूर करें। इसके अलावा, हमेशा पक्का बिल मांगें जिसमें सोने का वजन, कैरेट, हॉलमार्किंग शुल्क और उस दिन की सोने की दर का स्पष्ट उल्लेख हो।

निष्कर्ष

नई दिल्ली में सोना खरीदना एक सुखद अनुभव हो सकता है यदि आप पूरी जानकारी के साथ बाजार में उतरें। चाहे आप दरीबा कलां की ऐतिहासिक गलियों से खरीदारी करें या साउथ एक्स के आधुनिक शोरूम से, हमेशा शुद्धता की जांच करें और मौजूदा बाजार दर से अपडेट रहें। सोना केवल एक आभूषण नहीं है, बल्कि यह आपके भविष्य के लिए एक ठोस वित्तीय सुरक्षा कवच भी है। सही समय पर और सही जगह से की गई खरीदारी आपको लंबे समय में बेहतरीन रिटर्न दे सकती है।


मार्केट एक्सपर्ट टिप: दिल्ली के निवेशकों के लिए क्यों खास हैं सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB)?

नई दिल्ली के सराफा बाजार में इन दिनों सोने की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच, निवेशक अब पारंपरिक भौतिक सोने के बजाय डिजिटल विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। दिल्ली जैसे महानगर में, जहां सुरक्षा और बैंक लॉकर के बढ़ते खर्च एक बड़ी चिंता हैं, 'सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड' (SGB) एक बेहद सुरक्षित और स्मार्ट निवेश विकल्प के रूप में उभरा है। भौतिक सोने (सिक्के या गहने) के विपरीत, SGB में आपको चोरी का डर नहीं रहता और न ही इसकी शुद्धता को लेकर कोई संदेह होता है, क्योंकि यह सीधे भारत सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी किया जाता है।

वित्तीय लाभ की बात करें तो SGB भौतिक सोने को बड़े अंतर से पछाड़ देता है। जब आप दिल्ली के किसी जौहरी से सोना खरीदते हैं, तो आपको 3% GST और भारी मेकिंग चार्ज चुकाना पड़ता है, जो निवेश के मूल्य को तुरंत कम कर देते हैं। इसके उलट, SGB में ये अतिरिक्त खर्चे शून्य होते हैं। सबसे आकर्षक बात यह है कि निवेश की गई राशि पर आपको 2.5% प्रति वर्ष की दर से निश्चित ब्याज मिलता है, जो सीधे आपके बैंक खाते में जमा किया जाता है। इसके अलावा, यदि आप इस बॉन्ड को 8 साल की मैच्योरिटी अवधि तक रखते हैं, तो सोने की कीमतों में हुई वृद्धि पर मिलने वाला 'कैपिटल गेन' पूरी तरह से टैक्स-फ्री होता है, जो इसे लंबी अवधि के धन सृजन के लिए बेजोड़ बनाता है।

मुख्य निष्कर्ष (Key Takeaway): यदि आपका उद्देश्य आभूषण पहनना नहीं बल्कि केवल निवेश करना है, तो SGB आपको सोने की बढ़ती कीमतों का लाभ देने के साथ-साथ अतिरिक्त ब्याज और टैक्स छूट का दोहरा फायदा देता है। दिल्ली के आधुनिक निवेशकों के लिए यह भौतिक सोने की तुलना में अधिक पारदर्शी और लाभदायक सौदा है।


सोना खरीदने का सही समय: क्या कहता है बाजार?

दिल्ली में सोने की कीमतें दिन भर में स्थिर नहीं रहतीं। सुबह बाजार खुलने से लेकर शाम तक, इनमें उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। इन दैनिक परिवर्तनों के पीछे कई कारक काम करते हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमतें (लंदन, न्यूयॉर्क), अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये का मूल्य, और स्थानीय मांग व आपूर्ति शामिल हैं। अक्सर, सुबह के समय कीमतें पिछले दिन के वैश्विक रुझानों और रात भर के परिवर्तनों को दर्शाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सोना खरीदने के लिए कोई एक "जादुई घंटा" नहीं होता, लेकिन कुछ रणनीतियाँ मददगार हो सकती हैं। आमतौर पर, बाजार खुलने के कुछ घंटों बाद, जब शुरुआती अस्थिरता कम हो जाती है और वैश्विक संकेतों को स्थानीय बाजार पूरी तरह से पचा लेता है, तब कीमतें थोड़ी स्थिर हो सकती हैं। यह समय आमतौर पर देर सुबह से दोपहर तक का हो सकता है। इस दौरान आप विभिन्न डीलरों की कीमतों की तुलना करके बेहतर सौदा पा सकते हैं। शाम को, अक्सर त्योहारों या विशेष अवसरों पर, स्थानीय मांग बढ़ने से कीमतें थोड़ी बढ़ सकती हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि प्रमुख आर्थिक समाचार, भू-राजनीतिक घटनाएँ, या केंद्रीय बैंकों की घोषणाएँ किसी भी समय सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए, खरीदारी से पहले बाजार के रुझानों का बारीकी से अवलोकन करना और दो-तीन अलग-अलग स्रोतों से कीमतों की पुष्टि करना बुद्धिमानी है। यदि आप निवेश के उद्देश्य से सोना खरीद रहे हैं, तो दैनिक उतार-चढ़ाव की तुलना में लंबी अवधि के रुझान और आपकी व्यक्तिगत वित्तीय योजना अधिक महत्वपूर्ण होती है।

मुख्य निष्कर्ष: सोना खरीदने के लिए देर सुबह से दोपहर तक का समय अक्सर स्थिर होता है, लेकिन सबसे अच्छी रणनीति बाजार का अवलोकन करना, कीमतों की तुलना करना और दीर्घकालिक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना है।


दिल्ली में सोने की कीमतें: अन्य बड़े शहरों से तुलना और बाजार का विश्लेषण

नई दिल्ली में सोने की कीमतें अक्सर देश के अन्य महानगरों, जैसे मुंबई, चेन्नई या कोलकाता से थोड़ी भिन्न क्यों होती हैं? यह सवाल कई निवेशकों और खरीदारों के मन में रहता है। इसका मुख्य कारण परिवहन लागत, स्थानीय कर (जैसे चुंगी) और बुलियन मार्केट के आपूर्तिकर्ताओं द्वारा तय की गई प्रीमियम दरें हैं। दिल्ली उत्तर भारत का सबसे बड़ा स्वर्ण वितरण केंद्र है, जिसके कारण यहां आपूर्ति श्रृंखला काफी मजबूत है, लेकिन आभूषणों के निर्माण में लगने वाली मजदूरी (मेकिंग चार्ज) और स्थानीय मांग में उतार-चढ़ाव कीमतों में अंतर पैदा करते हैं। आमतौर पर, दक्षिण भारतीय शहरों की तुलना में दिल्ली में सोने के दाम थोड़े अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकते हैं, क्योंकि यहां आयात और वितरण की सुविधा बेहतर है। हालांकि, जब आप सोना खरीदने की योजना बनाते हैं, तो केवल शहर के आधार पर मूल्य की तुलना करना पर्याप्त नहीं है। आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि 'हॉलमार्क' की शुद्धता के साथ-साथ जौहरी द्वारा लगाया जाने वाला मेकिंग चार्ज और उस दिन की वैश्विक बाजार की स्थिति क्या है। दिल्ली के निवेशक अक्सर वैश्विक रुझानों और डॉलर-रुपये के उतार-चढ़ाव पर नजर रखते हैं, क्योंकि ये कारक स्थानीय कीमतों को सीधे प्रभावित करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आप निवेश के उद्देश्य से सोना खरीद रहे हैं, तो दिल्ली के प्रमुख बुलियन बाजारों के रेट की तुलना ऑनलाइन पोर्टल्स से करना एक समझदारी भरा कदम है। बाजार में मौजूद प्रतिस्पर्धा का लाभ उठाएं और हमेशा शुद्धता की जांच सुनिश्चित करें।

Key Takeaway: दिल्ली में सोने की कीमतें मुख्य रूप से लॉजिस्टिक्स और स्थानीय मांग के आधार पर तय होती हैं। किसी भी शहर के दाम की तुलना करते समय हमेशा 'मेकिंग चार्ज' और 'शुद्धता प्रमाणन' को ध्यान में रखें, क्योंकि यही आपके निवेश की वास्तविक वैल्यू तय करते हैं।


सोने पर जीएसटी: हर खरीदार के लिए जरूरी जानकारी

नई दिल्ली में सोने की खरीदारी करते समय केवल बाजार भाव ही एकमात्र कारक नहीं है, जिसे आपको ध्यान में रखना चाहिए। भारत में सोने की खरीद पर वर्तमान में 3% की दर से गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) लागू है। यह कर न केवल सोने की शुद्ध कीमत पर, बल्कि आभूषण बनाने की मजदूरी (मेकिंग चार्जेस) पर भी लगाया जाता है। बहुत से खरीदार अक्सर इस सूक्ष्म अंतर को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बिलिंग के समय कुल लागत उम्मीद से अधिक हो जाती है। निवेशकों और आभूषण खरीदारों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि जीएसटी की गणना 'इनवॉइस वैल्यू' पर होती है। यदि आप पुराने सोने के बदले नया सोना खरीदते हैं, तो भी जीएसटी का नियम लागू रहता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि खरीदारी से पहले ज्वैलर से 'मेकिंग चार्जेस' पर लगने वाले जीएसटी को स्पष्ट रूप से समझने के लिए 'ब्रेक-अप' बिल की मांग करें। इसके अलावा, यदि आप निवेश के उद्देश्य से सोना खरीद रहे हैं, तो जीएसटी का यह अतिरिक्त भार आपकी कुल 'कॉस्ट ऑफ एक्विजिशन' को बढ़ा देता है, जिसे रिटर्न की गणना करते समय ध्यान में रखना आवश्यक है। डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ईटीएफ (ETF) जैसे विकल्पों में भी कर संबंधी बारीकियां होती हैं, लेकिन भौतिक सोना खरीदते समय पक्का बिल लेना और उस पर जीएसटी का विवरण जांचना न केवल कानूनी रूप से सुरक्षित है, बल्कि भविष्य में रीसेल (पुनर्विक्रय) के समय भी आपकी पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। एक जागरूक खरीदार ही बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच सही निर्णय ले सकता है।

Key Takeaway: सोने की खरीदारी पर 3% जीएसटी न केवल सोने की कीमत पर, बल्कि मेकिंग चार्जेस पर भी लगता है। हमेशा पक्का बिल मांगें और कुल लागत की गणना करते समय इस कर को अपने बजट में शामिल करें ताकि अंतिम भुगतान के समय कोई आश्चर्य न हो।


चांदी: निवेश का एक चमकता और किफायती विकल्प

मौजूदा बाजार परिदृश्य में, जहां सोने की कीमतें लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं, दिल्ली के निवेशकों का ध्यान चांदी की ओर तेजी से आकर्षित हो रहा है। चांदी को अक्सर 'गरीब का सोना' कहा जाता है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में इसने एक बेहतरीन निवेश संपत्ति के रूप में अपनी धाक जमाई है। औद्योगिक मांग में बढ़ोतरी और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के निर्माण में चांदी के बढ़ते उपयोग ने इसकी कीमतों को एक ठोस आधार प्रदान किया है, जिससे यह केवल आभूषणों तक सीमित न रहकर एक महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो विविधीकरण उपकरण बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की अस्थिरता (volatility) इसे सोने की तुलना में अधिक आक्रामक रिटर्न देने वाली धातु बनाती है। जब वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो चांदी एक सुरक्षित निवेश के रूप में उभरती है, लेकिन औद्योगिक चक्र में तेजी आने पर यह सोने से कहीं अधिक रिटर्न देने की क्षमता रखती है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की ईटीएफ (ETF) और फिजिकल बुलियन में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी इस बात का संकेत है कि समझदार निवेशक अब अपने पोर्टफोलियो में सोने के साथ-साथ चांदी का संतुलन बनाना जरूरी समझ रहे हैं। हालांकि, चांदी में निवेश करते समय बाजार के उतार-चढ़ाव के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है। सोने की तुलना में चांदी की कीमतों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, इसलिए इसे लंबी अवधि के नजरिए से देखना सबसे फायदेमंद साबित होता है। यदि आप अपने निवेश पोर्टफोलियो को सुरक्षित और विकासोन्मुख बनाना चाहते हैं, तो चांदी को एक रणनीतिक हिस्सा बनाना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।

Key Takeaway: औद्योगिक मांग और निवेश के बढ़ते चलन को देखते हुए, चांदी लंबी अवधि के लिए एक आकर्षक संपत्ति है। सोने के साथ-साथ चांदी में निवेश करना आपके पोर्टफोलियो को न केवल संतुलित करता है, बल्कि बाजार की तेजी का लाभ उठाने का अवसर भी प्रदान करता है।


गोल्ड पर GST: हर खरीदार को क्या जानना चाहिए

नई दिल्ली में सोने की खरीदारी करते समय केवल बाजार भाव पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। भारत में सोने की खरीद पर वर्तमान में 3% का वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू है, जो सीधे तौर पर आपके अंतिम बिल को प्रभावित करता है। यह टैक्स सोने की मूल कीमत और मेकिंग चार्जेस (गहने बनाने की मजदूरी) के कुल योग पर लगाया जाता है। बहुत से खरीदार अक्सर इस बात से अनजान होते हैं कि मेकिंग चार्जेस पर भी 5% GST लगता है, जो कुल कर भार को बढ़ा देता है। इसलिए, किसी भी आभूषण शोरूम में जाने से पहले यह स्पष्ट कर लेना जरूरी है कि आपके द्वारा देखी गई कीमत में टैक्स शामिल है या नहीं।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेश के लिए सोना खरीदते समय 'मेकिंग चार्जेस' को कम से कम रखने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि यह खर्च पुनर्विक्रय (resale) के समय वसूल नहीं होता। इसके अलावा, यदि आप पुराने सोने के बदले नया सोना खरीदते हैं, तो GST केवल नए आभूषण और पुराने आभूषण के बीच के मूल्य अंतर पर ही लागू होगा। डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ईटीएफ (ETF) जैसे विकल्पों में भी टैक्स के नियम अलग हो सकते हैं, इसलिए अपनी वित्तीय योजना के अनुसार सही माध्यम का चुनाव करना समझदारी है। हमेशा पक्का बिल मांगें, क्योंकि यह न केवल आपकी खरीदारी की शुद्धता की गारंटी है, बल्कि भविष्य में किसी भी कानूनी विवाद से बचने का एकमात्र प्रमाण भी है।

Key Takeaway: सोने की खरीदारी में 3% GST अनिवार्य है, जो सोने की कीमत और मेकिंग चार्जेस दोनों पर लागू होता है। हमेशा बिल पर टैक्स का विवरण जांचें और निवेश के लिए मेकिंग चार्जेस को न्यूनतम रखने पर ध्यान दें ताकि आपका रिटर्न बेहतर बना रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

न्यू दिल्ली में आज 24K सोने का भाव क्या है?

आज, न्यू दिल्ली में 24K सोने की कीमत ₹146,608 प्रति 10 ग्राम है।

न्यू दिल्ली में आज 22K सोने का भाव क्या है?

आज, न्यू दिल्ली में 22K सोने की कीमत ₹134,293 प्रति 10 ग्राम है।

क्या न्यू दिल्ली में सोने की कीमत में GST शामिल है?

नहीं, सूचीबद्ध सोने की कीमतें 3% GST और मेकिंग चार्ज के बिना हैं। ये खरीदारी के समय जौहरी द्वारा जोड़े जाते हैं।

न्यू दिल्ली में सोने की दरें क्यों बदलती हैं?

न्यू दिल्ली में सोने की दरें अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान, भारतीय रुपये में उतार-चढ़ाव, स्थानीय करों और मौसमी मांग के कारण बदलती रहती हैं।

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